चुटकुले (1)
एक कलाकार थे जिनका नियम था कि वह अपने साथ वाले साथी से कम पारिश्रमिक नहीं लेगे। एक बार एक कार्यक्रम में उनको व उनके साथी दोनों को ही बुलाया जब कार्यक्रम सम्पन्न हो गया तो वहा के व्यवस्थापकों ने उनके साथी से कम पारश्रमिक दिया व रसीद पर हस्ताक्षर करने को कहा। वो महानुभाव मेज थप-थपाकर चिल्लाने लगे मैं हस्ताक्षर नहीं कर सकता----- हस्ताक्षर नहीं कर सकता। इस पर उनके दूसरे साथी उठकर उनके पास आये और कान में बोले चिल्लाओ मत, हस्ताक्षर नहीं कर सकते तो अंगूठा ही लगा दो।
(2)
एक बार संसद में सभी सासदों ने संसद अध्यक्ष से अपनी बातों को मनवाने के लिये हंगामा कर दिया। इस पर अध्यक्ष महोदय ने 2 घण्टे का अपना भाषण दे डाला तथा अन्त में बोले तुम सब लोगों ने मेरी अवहेलना की है अत: मैं तुम सबको श्राप देता हूँ कि तुम सभी एक-एक बार संसद अध्यक्ष जरूर बनें चाहे इस जन्म में या अगले जन्म में।
श्रेणियाँ: कहानी
2008
लोड हो रहा है...