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17 जून, 2008


ब्लॉग्स (1)
आत्म हत्या रो-रो के बुरा हाल था मीना का एक यही तो साधन था उसके पास अपने अन्त:करण से अपनी पीड़ा को निकालने का। अपने बोझ को हल्का करने का। दिन में तो इसके लिये भी समय नहीं था। पूरे दिन काम ही काम। सुबह तीन बजे उठना ... आगे पढ़ें...