Webdunia: Portal - Search - Mail - Greetings   More >>
Support | Font Download | Feedback
Search  
Welcome, Guest  [ Register | Sign In ]

18 जून, 2008


ब्लॉग्स (1)
आर्दश आदर्श दीवारों पर लिखने के लिए होते हैं, चलते समय नीचे देखकर चलना पड़ता है। यदि चलते समय दीवारों पर लिखे आदर्शो पर दृष्टि रखते हुए भी अपना लक्ष्य या गंतव्य पा लिया और आदर्शोँ को व्यवहारिकता को प्रमाणित कर दिया तो भी लोग आदर्शोँ का अनुकरण नहीं करेंगे। ... आगे पढ़ें...