साथ
हमको चलना है जिस पथ पर साथ नहीं तुम चल पाओगे।
गाली देंगे दुनियां वाले, हमें छोड़ तुम मुड़ जाओगे।
दुनियांदारी ना हम जाने,
रीति रिवाज नहीं हम माने
एक-राह चलना सीखा है
चौराहे हम ना पहचाने।
हम-राही हमरे बनकर के, नहीं साथ कुछ भी लाओगे।
गाली देंगे दुनियां वाले, हमें छोड़ तुम मुड़ जाओगे।
ढ़ोगी व्यक्ति पूजे जाते,
सबसे ही सम्मान वे पाते।
सत्य मार्ग पर चलते है नित,
हम उनको ही शीश झुकाते।
कण्टक पर्वत हैं इस पथ पर, नहीं कोई सुख तुम पाओगे।
गाली देंगे दुनियां वाले, हमें छोड़ तुम मुड़ जाओगे।

लोड हो रहा है...