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तुम ही ईश्वर तुम ही भर्ता, तुम ही जग के पालनकर्ता। सर्वोच्च कर्म है कृषक तुम्हारा, तुम ही सबके संकटहर्ता।।
तुम ही ईश्वर तुम ही ईश्वर तुम ही भर्ता, तुम ही जग के पालनकर्ता।सर्वोच्च कर्म है कृषक तुम्हारा, तुम ही सबके संकटहर्ता।।शीत ऋतु में ठिठुर-ठिठुर कर,बिन कपड़ों के रहता तू।और निशा में जाग-जाग कर,कर्म-यज्ञ है करता तू।श्रम-सीकर हैं संपत्ति तेरी, सबका ...
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santosh rashtrapremi
द्वारा 28 जून, 2008 1:00 PM पर पोस्टेड
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आधुनिकता
=color: >आधुनिकता हमारे पास कोठी,बंगला,कारचलते,ग...
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santosh rashtrapremi
द्वारा 22 जून, 2008 3:23 PM पर पोस्टेड
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कैसा वफा?
please visit : www..rashtrapremi.blogspot.com
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santosh rashtrapremi
द्वारा 2 जून, 2008 8:47 PM पर पोस्टेड
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छात्र छात्र आधुनिक
आधुनिक छात्र /संतोष गौड़ राष्ट्रप्रेमी ईश्वर से बड़ा,माँ-बाप से आगे,होता होगा कभी,बदल गये सभी,मजाक का पात्र, बनाये गुरु को,वही, कहलायेगा आधुनिक छात्र।
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santosh rashtrapremi
द्वारा 1 जून, 2008 12:33 PM पर पोस्टेड
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<font style='font-size:36px'>खड़े-खड़े</font>
खड़े-खड़े श्री बैकुंठ नाथ, अहमदाबादआधार हैभारतीय संस्कृति काशान्ति!बैठकर शान्ति सेपूजा, अर्चना, वन्दना, गीत-संगीतखाना-पीना, लिखना-पढ़नानहाना-धोना...
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santosh rashtrapremi
द्वारा 20 मई, 2008 10:28 AM पर पोस्टेड
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सत्ता
सत्ता भाजपाआगामी चुनाव के बाद सरकार अवश्य बनायेगीराम ने साथ न दिया तोकाशीराम, मायावती,कम्यूनिज्म यामुस्लिम लीग कोगले लगायेगीक्योंकिसत्ता सिद्धान्त के आगेसभी मुद्दे बोने हैंसत्ता के लिएराम, कश्मीर, आचार संहितातथा चरित्र तो खिलौने हैं।
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santosh rashtrapremi
द्वारा 14 मई, 2008 2:05 PM पर पोस्टेड
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आपको मुबारक होली
चाँद की चाँदनी, बसंत बाहर। फूलों की खुसबू, हमारा प्यार। गाओ गीत, बिखेरो मुस्कान, आपको मुबारक होली का त्यौहार। प्यार के रंग से भरो पिचकारी, स्नेह से रंग दो दुनिया सारी। रंग न जाने भाषा, न कोई बोली, आपको मुबारक हो, मित्रो होली।
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santosh rashtrapremi
द्वारा 22 मार्च, 2008 7:58 AM पर पोस्टेड
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मुबारक होली
सिर्फ आपके लिये
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santosh rashtrapremi
द्वारा 19 मार्च, 2008 10:35 PM पर पोस्टेड
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